Friday, 1 November 2013

do parchayiaan ...



दिल में थी एक क़ह्श्मकश,
उसकी कागज़ की कश्ती किस और जायेगी,
ताल में देखे सुन्दर बतखें,
मंत्रमुग्ध हुआ मन,
क्या वो बतख उसके करीब आएगी,
क्या वो उसकी कश्ती को पार लगाएगी,
खुद की परछाई से बात करने लगी फकीरा,
चंद सवालों के जवाब खोजते मिल गया कुछ और,
दिख गयी उसको दो परछाईआं,
एक उस किनारे जहा वो थी,
और दूसरी उसके सामने के किनारे पर,
बहुत दूर थे वो,
नामुमकिन था उनका मिलन,
गहराई में झाँक कर मालूम हुआ,
मिल गयी है उनकी परछाईआं,
एक सार हो गयी वो दोनों,
जुदा होने को जी न करे,
न उनको कोई जुदा कर सके,
मन को एक संतुष्टि मिली,
मानो फकीरा जिसे खोज रही थी उसी से मिली,
उस गहराई में इतना उतर गयी वो,
अब बतखें भी उसके करीब आने लगी,
कुछ सन्देश देने आयी थी या लेने,
उनकी चुप्पी और प्यार भरे संकेत,
फकीरा को उस परछाई के करीब लिए जा रहे थे,
अब वो कश्ती में सन्देश भेजती है,
उम्मीद न कोई कि किस पार जायेगी,
वापस आ कर जब देखती है,
वो कागज़ की कश्ती अटकी है पत्तो कि राह में,
मायूस हो गया मन,
क्यूँ न गयी वो आगे उसका सन्देश लिए,
गहराई में फिर जब उतरी वो,
परछाई अब जवाब देती है,
ये कश्ती मेरे पास आ गयी है,
अब मुझसे दूर न जायेगी,
अब मुझसे जुदा न हो पायेगी,
संदेसा वो लेकर मेरी और ही आयी थी,
ऐ फकीरा ! वो अटकी नहीं, अपनी मंज़िल तक आयी है, 
उसी परछाई के करीब जिसके लिए वो बनी थी ॥  

sapno ki kashti ... 
kashti apni manzil par..apni parchayi k paas ..

nanhi jaan "Bertrand"



यूँ ही नज़र पड़ी,
मिल गयी एक नन्ही जान की कहानी,
‘बरट्रांड’ नाम है उसका।
पहली दफा जब देखा,
कुछ तो अलग था उस तस्वीर में,
जो पूरी कहानी पड़ने को फकीरा का मन मजबूर हुआ,
परिवार की तस्वीर देख वो अपनी यादों में खो गयी,
व्हील चयेर पे बैठे जब साहिब को देखा,
घबरा गयी, हैरान भी हुई,
कितना प्यार उसके माँ-बाप करते हैं,
महसूस किया तो आंखें नम हो गयी,
वो प्यारा सितारा, और बच्चों सामान है,
बल्कि उनसे भी ज्यादा ताकतवर और तंदरुस्त,
दुनिया वालों के तो क्या, खुद के  माँ-बाप के होंसले बुलंद किए उसने,
शूर-वीर योधा से कम नहीं वो सुपर स्टार,
दिनचर्या उसकी पिता जी से भी ज्यादा व्यसथ है,
कहानी उसकी सहानुभूति बटोरने के लिए न लिखी गयी,
दुनिया को सन्देश अवगत करने के लिए लिखी है,
विकलांग बचे भी साधारण बच्चों सामान हैं,
इतने दर्द और तकलीफ में भी, मुस्कुराते हैं,
अपनी ज़िन्दगी से हार न मान कर,
खूब जंग लड़ते हैं,
सलामी दो, प्यार करो ऐसे साहसी बच्चों को॥

The super star !

 Bertrand and his cutest sister
 The most happiest family I have ever seen, just dying to meet them soon

For more details, please check: Bertrand's stories

Special thanks to Prof. Matt Might